36 घंटे का रिकार्ड बना उप्र विधान मंडल की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

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विस में 149 और परिषद में 67 सदस्यों ने चर्चा में ली भागेदारी-विशेष सत्र की पूरी कार्यवाही और संवाद का तैयार होगा दस्तावेज-संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत विकास के लक्ष्यों की पूर्ति को पारित हुआ प्रस्ताव



लखनऊ, 03 अक्टूबर (हि.स.)।   महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश के सतत विकास को विधानमंडल में 36 घंटे की सतत चर्चा के बाद रात करीब 12 बजे दोनों सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
करीब 36 घंटे 50 मिनट की लगातार इस मैराथन चर्चा विधानसभा में कुल 149 और विधान परिषद में 67 सदस्यों के संबोधन हुए। गुरुवार रात दस बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उनका यह सम्बोधन करीब 95 मिनट का रहा। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत विकास के 17 लक्ष्यों की पूर्ति हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जाने के संबंध में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा लाये गये प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। फिर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन की कार्यवाही रात करीब 12.50 बजे सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विधानमंडल का यह विशेष सत्र अपने में ऐतिहासिक रहा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्वयं में रिकार्ड रहा क्योंकि इस तरह की मैराथन चर्चा बहुत कम देखने को मिलती है।
योगी ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इस 36 घंटे की सतत चर्चा की कार्यवाही का एक दस्तावेज बनना चाहिए और उस दस्तावेज को अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मैराथन चर्चा में विधानसभा में 149 और परिषद में 67 सदस्यों ने न केवल हिस्सा लिया बल्कि महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन सदस्यों को बोलने का अवसर नहीं मिल सका उन्होंने अपने लिखित भाषण सदन में प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से यह भी अनुरोध किया कि सभी विधायकों के सुझाव भी प्रस्तावित दस्तावेज में शामिल करवायें ताकि लोगों को पता चल सके कि जनप्रतिनिधि प्रदेश के सतत विकास के लिए कितने संवेदनशील हैं।
योगी ने इस विशेष सत्र में भागीदारी के लिए सभी सदस्यों का आभार भी जताया। विपक्ष की गैरहाजिरी पर तंज भी कसा। विपक्ष के शिवपाल सिंह यादव, नितिन अग्रवाल, अदिति सिंह, राकेश सिंह और मो0 असलम जैसे सदस्यों को भी धन्यवाद दिया कि उन लोगों ने पार्टी लाइन से हटकर सदन की कार्यवाही और चर्चा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद ही विकास का सशक्त माध्यम है और जहां संवाद वाधित होता है वहां अराजकता पनपती है। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और इस ऐतिहासिक सत्र में रात के वक्त उपस्थित विधायकों का विशेष आभार जताया। योगी ने कहा कि सत्र के पहले दिन रात 12 बजे भी 103 सदस्य सदन में उपस्थित रहे, यह सुखद संदेश है। योगी ने कहा कि दोनो सदनों की चर्चा रात्रि भर चलना ,लोकतंत्र के लिए बड़ा ही सुखद है।
विपक्ष पर हमला करते हुए योगी ने कहा कि इस सत्र से विपक्ष का चेहरा बेनकाब हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष बोलने को लेकर बात करता था लेकिन जब उनको बोलने के लिए कहा गया तो वे भाग गए। जनता ने बहुत सोच समझ कर वोट दिया है। जिन लोगो के लिए सिर्फ परिवारवाद और जातिवाद ही सब कुछ है, उनको जनता ने भी नकार दिया। योगी ने कहा  िकवे लोग भी इस चर्चा में शामिल नहीं हुए जो गांधीजी के नाम पर कई वर्षों तक शासन करते रहे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानता था कि गांधी जी की जयंती पर कांग्रेस जरूर आएगी, लेकिन कांग्रेस भी नहीं आई। क्या गांधी जी से कांग्रेस ने यही सीखा है।
गौरतलब है कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का विशेष सत्र दो अक्टूबर पूर्वाह्न 11 बजे प्रारम्भ हुआ जो लगातार आज आधी रात तक चलता रहा। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2015 में सतत विकास के निर्धारित 17 लक्ष्यों पर चर्चा हुई। इनमें मुख्य विषय गरीबी उन्मूलन, भुखमरी समाप्त करना, सभी के लिए स्वस्थ्य जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, सुरक्षित जल एवं स्वच्छता का सतत प्रबंधन, किफायती ऊर्जा, आर्थिक विकास, उद्यमिता, असमानता कम करना, समावेशी व सुरक्षित शहर, सतत उपभोग एवं उत्पादन, जलवायु परिवर्तन, भूमि पर जीवन, शातिपूर्ण एवं समावेशी संस्थाओं का निर्माण एवं लक्ष्यों के लिए भागीदारी रहे।

 


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