गुजरात सरकार को बिल्किस बानो मामले में राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दो हफ्ते के अंदर 50 लाख रुपये मुआवजा दो

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सरकारी नौकरी और उसे रहने के लिए मकान भी उपलब्ध कराएगुजरात सरकार की रिव्यू पिटीशन खारिज



दिल्ली, 30 सितम्बर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को निर्देश दिया है कि वह बिल्किस बानो को दो हफ्ते के अंदर बतौर मुआवजा 50 लाख रुपये दे। कोर्ट ने गुजरात सरकार के रिव्यू पिटीशन को खारिज करते हुए ये आदेश दिया। कोर्ट ने गुजरात सरकार को ये भी निर्देश दिया कि वो बिल्किस बानो को सरकारी नौकरी दे और उसे रहने के लिए मकान भी उपलब्ध कराए।

23 अप्रैल को कोर्ट ने गुजरात सरकार को निर्देश दिया है कि वह बिल्किस बानो को दो हफ्ते के अंदर बतौर मुआवजा 50 लाख रुपए दे। इस फैसले के खिलाफ गुजरात सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी, जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, जिन्हें हाईकोर्ट ने दोषी करार दिया है। कुछ अधिकारी जो रिटायर हो चुके हैं उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। जो अभी सेवारत हैं, उन्हें दो रैंक डिमोट कर दिया गया है।

पिछले 29 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को निर्देश दिया था कि वो उन छह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करे, जिन्हें हाईकोर्ट ने दोषी करार दिया था।

दरअसल, इन अधिकारियों ने बांबे हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई, 2017 को इन अधिकारियों की अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने गुजरात के पुलिसकर्मी राम सिंह भगोरा और चार दूसरे पुलिस अधिकारियों और दो डॉक्टरों की याचिका खारिज कर दी थी । कोर्ट ने कहा था कि सभी की सजा बरकरार रहेगी । दोनों डॉक्टरों को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपने डॉक्टर होने के बावजूद पुलिस के कहने पर रिपोर्ट लिखीये आपने अपने पेशे के साथ सही नहीं किया।

 


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