फेस्टिवल सेल से ई-कॉमर्स कंपनियां जीएसटी को लगा रहीं चूना : कैट

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ये ई-कॉमर्स कंपनियां जो केवल बिजनेस टु बिजनस (बी2बी) गतिविधियों  के लिए अधिकृत हैं। उपभोक्ताओं को (बी2सी) सीधे बिक्री कर रही हैं और उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।



नई दिल्‍ली, 30 सितम्बर (हि.स.)। कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर आरोप लगाया है कि वे त्योहारी सीजन की सेल के जरिए सरकार को जीएसटी का चूना लगा रही है।

वित्त मंत्री को रविवार को भेजे पत्र में कैट ने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा शुरू की गई फेस्टिवल सेल में बिक्री के दौरान जीएसटी कम लगाया जा रहा है। इससे सरकार को जीएसटी राजस्व का नुकसान हो रहा है।

कैट ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनिया खासकर अमेजन और फ्लिपकार्ट की ‘फेस्टिवल सेल’ शुरू हो गई है, जो सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का उल्लंघन है। कैट ने कहा कि अगर कोई व्यापारी अपने व्यवसाय के दौरान थोड़ी सी भी गलती करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन ये ई-कॉमर्स कंपनियां जो केवल बिजनेस टु बिजनस (बी2बी) गतिविधियों  के लिए अधिकृत हैं। उपभोक्ताओं को (बी2सी) सीधे बिक्री कर रही हैं और उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने वित्त मंत्री को भेजे पत्र में उनका ध्यान इन ई-कॉमर्स कंपनियों की ‘फेस्टिवल सेल’ की अवधि के दौरान उन वस्तुओं की बिक्री की ओर आकर्षित किया है, जहां सामान की बहुत अधिक बिक्री हो रही है। उन समानों पर 10 से 80 फीसदी तक की बड़ी छूट देकर वास्तविक मूल्य से कम कीमत पर सामान बेचा जा रहा है, उसी पर जीएसटी लिया जा रहा है। इससे सरकार को जीएसटी राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। कैट ने वित्त मंत्री से इन कंपनियों के व्यापार मॉडल की जांच कराने का आग्रह किया है।

 


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