हनीट्रैप : केंद्रीय कार्यालयों, हवाला कारोबारियों तक से जुड़े हैं आरोपित महिलाओं के तार

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जल्द ही इस कांड से जुड़े कई बड़े नेताओं, अफसरों और कारोबारियों के नाम सामने आ सकते हैं।



इंदौर, 28 सितम्बर (हि.स.)। मध्यप्रदेश के हाईप्रोफाइल हनीट्रैप मामले की जांच में नित नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपित महिलाएं इनती शातिर हैं कि इनके तार राज्य के बाहर केंद्रीय कार्यालयों और हवाला कारोबारियों तक जुड़े हुए हैं। ये महिलाएं कई लोगों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर चुकी हैं। आरोपित आरती दयाल ने खुद कबूला है कि उसके संपर्क में रहने वाले अफसर, नेता, कारोबारी कई बार हवाला से भी रुपये भिजवाते थे। अब एसआईटी ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस कांड से जुड़े कई बड़े नेताओं, अफसरों और कारोबारियों के नाम सामने आ सकते हैं।

 इस हनीट्रैप मामले में पुलिस ने पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था, जिनमें श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, बरखा सोनी, आरती दयाल और मोनिका यादव शामिल हैं। मामले की जांच पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है। पुलिस ने पांचों आरोपित महिलाओं को शुक्रवार शाम इंदौर की जिला अदालत में पेशकर रिमांड की डिमांड की थी। अदालत ने दोनों श्वेता जैन और बरखा सोनी को 30 सितम्बर तक जबकि आरती दयाल और मोनिका यादव को एक अक्टूबर तक की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। रिमांड मिलने के बाद एसआईटी की टीम ने शुक्रवार की रात पांचों आरोपितों से लम्बी पूछताछ की। देर रात जब जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की तो आरती दयाल ने श्वेता विजय जैन को ब्लैकमेलिंग के लिए जिम्मेदार ठहराया। श्वेता ने कहा कि उसका मामले से लेना-देना नहीं है।
इंदौर एसएसपी और एसआईटी सदस्य रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित महिलाएं बहुत शातिर हैं। उन्होंने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि कई बड़े लोगों को ब्लैकमेल कर उन्होंने फायदा उठाया है। राज्य ही नहीं, केंद्रीय कार्यालयों में भी उन्होंने घुसपैठ बना ली थी। बड़े लोगों के वीडियो बनाकर टेंडर, ठेके और ट्रांसफर करवाने में दखल देने लगी थीं। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि वे कम उम्र की लड़कियों को गिरोह में शामिल करती थीं। उन्होंने बताया कि नेताओं और बड़े अधिकारियों से पहचान बढ़ाने का काम दोनों श्वेता और बरखा करती थीं। उन्होंने अपनी दूसरी टीम तैयार कर ली थी। इनमें आरती, मोनिका, रूपा जैसी युवतियां हैं। यह टीम बड़े लोगों को अपना शिकार बनाती थी और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी। वीडियो के बदले दोनों श्वेता और बरखा पैसा वसूलने, ठेके दिलवाने, अधिकारियों की मनचाही पदस्थापना जैसे काम कराने लगी थी। फिलहाल महिलाओं से पूछताछ जारी है।

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