मंगोलियाई राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ किया बौद्ध प्रतिमा का अनावरण

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प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में मंगोलिया यात्रा के दौरान गंडन तेगचेंलिंग मठ में प्रार्थना के बाद दोनों देशों की समान बौद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए भगवान बुद्ध की प्रतिमा उपहार स्वरूप भेंट करने की घोषणा की थी।



नई दिल्ली, 20 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति खैल्‍तमानीग बटुल्‍गा ने शुक्रवार को संयुक्त तौर पर राजधानी लानबातोर के बौद्ध मठ में महात्‍मा बुद्ध की प्रतिमा का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनावरण किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में मंगोलिया यात्रा के दौरान गंडन तेगचेंलिंग मठ में प्रार्थना के बाद दोनों देशों की समान बौद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए भगवान बुद्ध की प्रतिमा उपहार स्वरूप भेंट करने की घोषणा की थी।

बौद्ध प्रतिमा के अनावरण से पूर्व राष्ट्रपति बटुल्गा ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके आवास सात लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा बटुल्गा ने हैदराबाद हाउस में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु से भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत और मंगोलिया के शताब्दियों से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्ते रहे हैं। 1992 में देश में लोकतांत्रिक सरकार बनी और उसके दो साल बाद 1994 में पहले राष्ट्रपति ने भारत की यात्रा की। इसके बाद 2009 में मंगोलिया के राष्ट्रपति भारत आए थे। उसके 10 साल बाद उन्हें भारत आने का मौका मिला है, जिसको लेकर वह काफी प्रसन्न हैं। इससे पहले 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगोलिया की यात्रा पर आए थे।

मंगोलियाई राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच इन उच्च स्तरीय यात्राओं से आर्थिक व अन्य संबंध मजबूत हो रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और वह 2017 में लगभग एक ही समय में अपने देशों के राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने राष्ट्रपति कोविंद को भारत की यात्रा के लिए आमंत्रित किया।

इससे पहले सुबह के समय राष्ट्रपति बटुल्गा का औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मंगोलिया के राष्ट्रपति गुरुवार शाम 5 दिनों की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। यह पिछले 10 सालों में किसी मंगोलियाई राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा है। उनका आगरा जाने का भी कार्यक्रम है और वह बोध गया भी जाएंगे। स्वदेश वापसी से पूर्व वह कर्नाटक के राज्यपाल के साथ राज्य में एक कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

 


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