सऊदी तेल कंपनी अमारको पर हमले का भारत पर नहीं पड़ेगा असर : धर्मेंद प्रधान

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पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि हमने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के साथ सितंबर महीने के लिए कच्‍चे तेल की आपूर्ति की समीक्षा की है। 



नई दिल्‍ली, 17 सितम्बर (हि.स.)। सऊदी अरब की ऑयल कंपनी अमारको पर हुए ड्रोन हमले का असर भारत को कच्‍चे तेल की आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय पेट्रेलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने  कहा कि सऊदी अरब   की तेल कंपनी अमारको के ऑयल संयंत्रों पर हुए हमलों से भारत की तेल की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

प्रधान ने कहा कि तेल संयंत्रों पर हुए हमले के बाद वहां के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया गया। वहीं, रियाद  में भारतीय राजदूत ने अमारको के वरिष्‍ठ प्रबंधन से कच्‍चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संपर्क किया  है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि हमने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के साथ सितंबर महीने के लिए कच्‍चे तेल की आपूर्ति की समीक्षा की है।

उन्‍होंने कहा कि हमें विश्‍वास है कि भारत को कच्‍चे तेल की आपूर्ति में कोई दिक्‍कत नहीं होगी। साथ ही प्रधान ने कहा हम मौजूदा परिस्थिति को बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले प्रधान ने कहा था कि सऊदी अमारको कंपनी के अधिकारियों ने 15 सितंबर को भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियों को ये सूचित किया था कि उनको कच्‍चे तेल की आपूर्ति में कोई दिक्‍कत नहीं होने दी जाएगी।

उल्‍लेखनीय है कि अरामको पर ड्रोन हमले के बाद दुनिया के सबसे बड़े कच्‍चे तेल उत्पादक कंपनी की क्षमता करीब आधी हो गई। वहीं, कच्चे तेल की कीमत में भी जबरदस्‍त उछाल हैं। एशियाई बाजार में ब्रेंट क्रूड 11.77 फीसदी की तेजी के साथ 67.31 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। अरामको संयंत्रों पर हमलों के बाद प्रोसेसिंग प्लांट्स में 57 लाख बैरल रोजाना क्रूड का उत्पादन ठप पड़ गया है। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 83 फीसदी आयात करता है। इराक के बाद भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता सऊदी अरब है। वित्त वर्ष 2018-19 में सऊदी अरब ने भारत को 4.03 करोड़ टन कच्चा तेल बेचा।

 


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