झारखण्ड और महाराष्ट्र में जदयू को नहीं मिला तीर का निशान

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जदयू का चुनाव चिन्ह तीर का निशान है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और शिवसेना का निशान तीर-कमान है। झामुमो की ओर से चुनाव आयोग को 24 जून को आवेदन दिया गया था और जदयू को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तीर का निशान नहीं दिए अनुरोध किया था।



नई दिल्ली, 26 अगस्त (हि.स.)। चुनाव आयोग ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर चल रही जनता दल (यूनाइटेड) से झारखण्ड और महाराष्ट्र में होने वाले आगामी चुनावों में तीर का निशान प्रयोग करने पर रोक लगा दी है।

जदयू का चुनाव चिन्ह तीर का निशान है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और शिवसेना का निशान तीर-कमान है। झामुमो की ओर से चुनाव आयोग को 24 जून को आवेदन दिया गया था और जदयू को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तीर का निशान नहीं दिए अनुरोध किया था।

चुनाव आयोग ने जेएमएम का अनुरोध स्वीकारते हुए चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आर्डर 1968 के अनुरुप जनता दल(यू) को झारखण्ड और महाराष्ट्र के चुनावों में तीर का चिन्ह प्रयोग करने पर रोक लगा दी। इस संबंध में निर्देश 16 अगस्त को जारी किया था।

वर्तमान में बिहार और अरुणाचल प्रदेश में जनतादल (यू) तीर का निशान चुनाव चिन्ह के रूप में प्रयोग कर सकता है। वहीं जेएमएम और शिवसेना बिहार में तीर और कमान वाला अपना चुनाव चिन्ह प्रयोग नहीं कर सकते।

 


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