स्टॉक मार्केट धराशायी, मंदी के संकेत

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अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध से चीन के उत्पादन स्तर में गिरावट आई है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट के बावजूद सन् 1990 और सन् 2000 अथवा 2008-09 जैसे ख़तरनाक हालत पैदा नहीं हुए हैं।



लॉस एंजेल्स, 15 अगस्त (हि.स.)। वॉल स्ट्रीट में स्टाक मार्केट के धराशायी होने और अल्पकालिक ट्रेज़री बांड से होने वाली आय में गिरावट पर आर्थिक विश्लेषकों ने वैश्विक मंदी के संकेत दिए हैं। इसके कारणों में अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध, विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में दूसरी तिमाही में कमी और ब्रेक्सिट संकट बताए गए हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध से चीन के उत्पादन स्तर में गिरावट आई है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट के बावजूद सन् 1990 और सन् 2000 अथवा 2008-09 जैसे ख़तरनाक हालत पैदा नहीं हुए हैं।
वॉल स्ट्रीट स्टॉक मार्केट में बुधवार को डाउ जोंस शेयर 800 अंक नीचे लुढ़क गए। इससे मार्केट में अफ़रा तफ़री मच गई। इसे मौजूदा वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन में सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है। डाउ जोंस शेयर में तीन प्रतिशत की गिरावट हुई। बैंकों में ‘सिटी ग्रुप’ में 5.3 प्रतिशत की गिरावट हुई तो बोईंग एयरलाइन में 3.7 प्रतिशत की गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह एस एंड पी 500 शेयर 85.72 अंक गिर गया, जो 2.09 प्रतिशत के क़रीब है। नेस्डेक में 242.42 अंक टूटे जो क़रीब तीन प्रतिशत है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ट्वीट कर शेयर मार्केट अथवा ट्रेज़री बॉन्ड के मूल्य में गिरावट के लिए फ़ेड रिज़र्व को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक ने जल्दी जल्दी ब्याज दर में बढ़ोतरी की है, जिसे धीरे-धीरे घटाना उचित नहीं है। मार्केट विश्लेषक क्रिस्टीना हूपर का कहना है कि फ़ेड रिज़र्व के पास मंदी दूर करने का उपाय नहीं है।

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