प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-नई व्यवस्था से कश्मीर को आतंकवाद- अलगाववाद से मुक्त कराएंगे

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दुर्भाग्य यह कि अनुच्छेद 370 के चलते राज्य के कुछ नागरिक लोकसभा चुनाव में तो मतदान कर सकते थे पर राज्य की विधानसभा तो क्या नगर पालिका के लिए भी मतदान नहीं कर सकते थे और न ही चुनाव लड़ सकते थे।



नई दिल्ली, 08 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के नागरिकों से वादा किया कि इस राज्य को अधिक समय तक केन्द्र शासित प्रदेश नहीं रहने दिया जाएगा। यह एक तात्कालिक व्यवस्था है। राज्य में जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे। राज्य को निश्चित रूप से अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलेगा। राज्य का अपना मुख्यमंत्री होगा, उसका अपना मंत्रिमंडल होगा। हमारी हर प्रकार से कोशिश होगी कि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़े और वहां शांति बहाली हो, राज्य आतंकवाद और अलगाववाद से पूरी तरह मुक्त हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य में हाल ही में निष्पक्ष तरीके से पंचायत चुनाव कराए गए। इसी प्रकार का वातावरण बनाकर बिना किसी भय के वातावरण में पारदर्शी तरीके से लोग युवा और नए लोगों को चुनने का अवसर मिलेगा। अब तक दो-तीन परिवार ही उनके सारे हक मार रहे थे। दुर्भाग्य यह कि अनुच्छेद 370 के चलते राज्य के कुछ नागरिक लोकसभा चुनाव में तो मतदान कर सकते थे पर राज्य की विधानसभा तो क्या नगर पालिका के लिए भी मतदान नहीं कर सकते थे और न ही चुनाव लड़ सकते थे। अब वे सब सभी प्रकार के चुनावों में सहभागी हो सकेंगे।
मोदी ने कहा कि हाल ही के राज्यपाल शासन में यह अनुभव आया कि लोगों तक राज्य और केन्द्र की योजनाओं का अधिक लाभ हो रहा है। इसलिए लद्दाख को अलग केन्द्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को भी कुछ समय के लिए केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है। इसके चलते अब केन्द्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली सारी सुविधाएं जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों को भी मिलने लगेंगी।

 


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