पटना, 27 जुलाई (हि.स.)। बिहार के जहानाबाद में वर्ष 1925 में मोदनगंज प्रखंड स्थित ओकरी गांव में जन्मे देश के प्रमुख और सबसे बुर्जुग उद्योगपति संप्रदा सिंह के निधन से बिहार में शोक की लहर है। उनके निधन पर पटना सहित जहानाबाद में उद्योगपतियों और छोटे व्यवसायियों ने दुख व्यक्त किया है।
दवा कंपनी एल्केम ग्रुप ऑफ कंपनी के मालिक संप्रदा सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। शनिवार को मुम्बई के लीलावती अस्पताल में सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। संप्रदा सिंह के निधन पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने शोक जताया है और दिवंगत को अपनी श्रद्धांजलि दी है।
संप्रदा सिंह का प्रारंभिक जीवन जहानाबाद में गुजरा है।
बिहार से बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद 1953 में पटना में रिटेल केमिस्ट के तौर पर दवा की दुकान खोली। इसके बाद उन्होंने पटना में वर्ष 1960 में मगध फार्मा के बैनर तले फार्मा डिस्ट्रीब्यूशन का व्यापार शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कई विदेशी कंपनियों की डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी ली। इतने में जब उनका संतोष नहीं हुआ तो कारोबार के विस्तार के लिए वह मुंबई रवाना हो गये और उद्योग के क्षेत्र में उन्होंने बिहार से बाहर कदम रखा।
1973 को उन्होंने अल्केम लैबोरेटरीज लिमिटेड की स्थापना की थी। इस कंपनी से उनकी गिनती देश बड़े उद्योगपतियों के रूप में होने लगी। 1.2 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक होने पर 2018 में उन्हें फोर्ब्स की ‘द वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट ’में शामिल किया गया। फोर्ब्स की लिस्ट में संप्रदा सिंह 1867वें पायदान पर रहे थे। हालांकि कहा जाता है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद संप्रदा सिंह जहानाबाद में ही खेती करना चाहते थे लेकिन लोगों की ओर से तरह-तरह की बातें बनाने के कारण उन्होंने उद्योग जगत में अपना कैरियर बनाया है।
