मप्र : नाली साफ करने के लिए नहीं बने हैं सांसद वाले बयान पर साध्वी प्रज्ञा पार्टी कार्यलय में तलब

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पार्टी पदाधिकारियों ने साध्वी प्रज्ञा की ली जमकर क्लास, संसद जाने से पहले पहुंची थीं पार्टी कार्यालय



भोपाल/नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। भोपाल से नवनिर्वाचित सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ‘नाली और शौचलाय साफ करने के लिए नहीं बने हैं सांसद’ वाला बयान देकर बुरी तरह फंस गई हैं। उनके इस बयान की देशभर में आलोचना हो रहा है। विपक्षी दल उनके इस बयान को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे हैं, तो वहीं इस मामले में दिल्ली स्थित भाजपा के केन्द्रीय कार्यालय द्वारा साध्वी प्रज्ञा को तलब किया गया है।
साध्वी प्रज्ञा रविवार को सीहोर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि हम नाली या शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनाए गए हैं। हम जिस काम के लिए बनाए गए हैं, वो काम हम ईमानदारी से करेंगे। यह मेरा काम नहीं है। मेरा काम संसद में शत-प्रतिशत मौजूद रहकर लोगों की आवाज उठाना है। साथ ही जो पैसा आप लोगों के लिए आता है, उससे आपके हित में काम करना है। पार्षद उनका काम करेंगे और विधायक उनका। मुझे अपना काम अच्छे से करना है। इसका एक वीडियो रविवार को ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोगों द्वारा भी साध्वी के बयान की आलोचना की गई।
इस बयान को लेकर सोमवार को दिल्ली भाजपा कार्यालय द्वारा साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को तलब किया गया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने उन्हें पार्टी कार्यालय पहुंचकर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। साध्वी प्रज्ञा सोमवार को लोकसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए दिल्ली पहुंची हैं।
जानकारी मिली है कि वे संसद जाने से पहले भाजपा कार्यालय पहुंची, जहां उनकी पार्टी पदाधिकारियों द्वारा जमकर क्लास ली गई। इधर, साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर एआईएमआईएम पार्टी के अध्यक्ष और सांसद असुद्दीन ओवैसी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि “सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने जो कहा है, उससे साफ होता है कि समाज में जाति के हिसाब से कैसे काम बंटे हुए हैं और आगे भी ये जारी रहेगा। ये वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने खुले तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का विरोध किया है।” ओवैसी ने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि “मुझे उनके बयान पर किसी तरह की हैरानी नहीं है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वो ऐसा सोचती हैं। वो देश में चले आ रहे जाति और वर्ग के आधार पर भेदभाव को मानती हैं।
” मध्यप्रदेश में तो साध्वी के बयान को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस मुखर हो गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के वीडियो समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने साध्वी के बयान को आपत्तिजनक बताया है तो कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वो गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कह चुकी हैं और अब गांधीजी से जुड़े स्वच्छता अभियान को लेकर ऐसी बात कही है। ऐसे में प्रधानमंत्री को इस बार उन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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