पटना : बेउर थाना प्रभारी समेत 5 गिरफ्तार , घूस लेकर अपराधियों को छोड़ने का आरोप

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नौबतपुर से 15 जुलाई की रात अपराधी 18.41 लाख के सिक्के लूटकर फरार हो गए थे। लूट के तीन घंटे बाद ही बेउर पुलिस ने चेकिंग के दौरान सिपारा में सिक्के से लदे वैन व तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था।



पटना, 21 जुलाई (हि.स.)। 18.41 लाख के सिक्के लूटकर भाग रहे अपराधियों को घूस लेकर छोड़ देने के मामले में नौ घंटे चली तफ्तीश के बाद बेउर थानेदार प्रवेश भारती, उसी थाने के एसआई सुनील चौधरी, एएसआई विनोद राय, होमगार्ड के दो जवान विनोद शर्मा और कृष्ण मुरारी को घूसखोरी की पुष्टि के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
नौबतपुर से 15 जुलाई की रात अपराधी 18.41 लाख के सिक्के लूटकर फरार हो गए थे। लूट के तीन घंटे बाद ही बेउर पुलिस ने चेकिंग के दौरान सिपारा में सिक्के से लदे वैन व तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अपराधियों में एक फाइनेंस कंपनी का चालक भी था, जिसने लाइनर की भूमिका अदा की।बेउर पुलिस ने डेढ़ लाख की घूस लेकर तीनों को छोड़ दिया।
कैसे खुला मामला
नौबतपुर पुलिस ने जब लूट में शामिल तीन अपराधियों बिट्टू, पिंटू और सुधीर को गिरफ्तार किया तो इसके साथ ही घूसकांड का भी खुलासा हो गया। घूस लेकर उन्हें छोड़ दिए जाने के बारे में जब अपराधियों ने पूछताछ कर रहे पुलिस अफसरों को बताया तो एकबारगी पुलिस के सीनियर अफसरों को विश्वास नहीं हुआ।
डीआईजी व एसएसपी ने की पूछताछ 
जब डीआईजी और एसएसपी ने संयुक्त रूप से इन अपराधियों से पूछताछ की और फिर बेउर के थाना प्रभारी से इस सिलसिले में पूछताछ हुई तो सारा मामला खुल गया। इसके तत्काल बाद डीआईजी राजेश कुमार ने बेउर थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
लूट और घूसकांड का खुलासा
गिरफ्तारी के बाद मनेर के बिट्‌टू व पिंटू ने नौबतपुर पुलिस को बताया कि लूट का मास्टर मांइड फाइनेंस कंपनी का ड्राइवर सुधीर है। उसने ही उन्हें इसकी सूचना दी थी और फिर लूट का पूरा प्लान तैयार किया था। बिट्टू और पिंटू के बयान पर पुलिस ने सुधीर को भी गिरफ्तार कर लिया है। सुधीर ने पुलिस को बताया कि सिपारा के पास बेउर की नाइट पेट्रोलिंग गाड़ी ने लूटी गई वैन और सिक्कों के साथ पकड़ लिया था। पुलिस ने वैन छोड़ने के बदले में 20 हजार रुपए मांगे। जब उन्होंने आसानी से यह रकम दे दी तो पुलिस वालों को शक हो गया और उन्होंने इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी। थाना प्रभारी के निर्देश पर वे थाने पर गए और फिर वहां सारे मामले की डील हुई। जहां 1.5 लाख रुपये लेकर थानाध्यक्ष ने सभी को छोड़ दिया था। सुधीर ने पुलिस को बताया कि वे लूटे हुए पैसा लेकर सबसे पहले फुलवारीशरीफ के नूरा गांव गए और वहां से सिपारा होकर रांची चले गए थे।
पहले भी हुआ था ऐसा मामला
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 2017 में शराब माफियाओं से पैसा लेकर छोड़ने के आरोप में पूरे थाने को निलंबित कर दिया गया था। इसकी अभी जांच चल रही है।

 


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