वाल्मीकिनगर बराज से दो लाख 4200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया , गंडक का बढ़ा जलस्तर

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वाल्मीकिनगर बराज पर नियंत्रण कक्ष से रखी जा रही नजर गंडक नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आने के संकेत 



बगहा,13 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के तराई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने के कारण वाल्मीकिनगर बराज का जलस्तर बढ़ने लगा है। बढ़ते जलस्तर पर नियंत्रण रखने के लिए वाल्मीकिनगर बराज से शनिवार दोपहर 12:00 बजे दो लाख 4200 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे बिहार सहित गंडक नदी से सटे यूपी के इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
शनिवार को गंंडक नदी में छोड़े गये पानी से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रत्येक एक घंटे पर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग एवं गंडक बराज नियंत्रण कक्ष के अधीक्षण अभियंता राजीव रंजन ने बताया कि नेपाल की तराई में भारी बारिश होने के कारण प्रत्येक साल गंडक नदी का जल स्तर बढ़ जाता है, जिसके चलते गंडक नदी के किनारे बसे हुए इलाके में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने बताया कि गंडक बराज में 36 फाटक हैं। पानी के दबाव के कारण उनमें गड़बड़ी आ जाती है, लेकिन विभाग उस पर पैनी निगाह बनाये हुए है।अभी स्थिति सामान्य है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जल संसाधन विभाग के गंडक बराज नियंत्रण कक्ष में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है, उन्हें सख्त निर्देश दिया गया है कि वे बराज के 36 फाटकों की निगरानी चौबीसों घंटे करें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से बचने के लिए उस पर काबू पाया जा सके। अधीक्षण अभियंता के अनुसार आने वाले समय में गंडक नदी का जल स्तर अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि नेपाल में अभी अतिवृष्टि हो रही है। अगर ऐसी स्थिति बनी रही, तो बिहार एवं यूपी सहित नेपाल के कुछ इलाकों में बाढ़ आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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