भीड़ की हिंसा पर रोक न लगाने वाले राज्यों के खिलाफ अवमानना याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार

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17 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने संसद से अपील की थी कि वे भीड़ द्वारा हत्या से निपटने के लिए अलग से कानून बनाएं।



नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने भीड़ की हिंसा पर रोकथाम के लिए कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले राज्यों के खिलाफ अवमानना याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया के तहत तय तारीख पर ही मामले की सुनवाई होगी। कोर्ट ने इस बारे में 17 जुलाई 2018 को कई दिशा-निर्देश जारी किए थे।
17 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने संसद से अपील की थी कि वे भीड़ द्वारा हत्या से निपटने के लिए अलग से कानून बनाएं। कोर्ट ने देशभर में भीड़ द्वारा की गई हत्याओं की निंदा की थी।
कोर्ट ने कहा था कि लोगों में कानून का डर पैदा होना चाहिए। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि अराजकता की स्थिति में राज्य सरकारों को काम करना होगा। किसी भी हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती है। राज्य सरकारों को भीड़ से निपटना होगा और कानून व्यवस्था का पालन करने के लिए कदम उठाना होगा।

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