आउटसोर्सिंग के लिए ऐसी नीति बनाई जाए जिससे ​कर्मियों का शोषण न हो-मुख्यमंत्री

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आउटसोर्सिंग कर्मियों को मिलने वाला मानदेय नियमित और समय पर बैंक खाते में भेजी जाय



लखनऊ, 03 जुलाई(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा एवं मानव संसाधन आउटसोर्सिंग के लिए व्यावहारिक नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नीति में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे आउटसोर्सिंग कर्मियों का शोषण न होने पाए।
 सीएम योगी ने कहा कि नीति में ऐसी व्यवस्था की जाए कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को मिलने वाला मानदेय नियमित, समय पर और बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त हो। महीने की अन्तिम तिथि पर सेवा प्रदाता को भुगतान हो जाए तथा आगामी माह के प्रथम सप्ताह में आउटसोर्सिंग कर्मी को भुगतान प्राप्त हो जाए।
मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को देर सायं लोक भवन में सेवा एवं मानव संसाधन आउटसोर्सिंग के लिए प्रस्तावित नीति के प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
 उन्होंने कहा कि सेवा प्रदाता कम्पनी के चयन का आधार आउटसोर्सिंग कर्मी को अधिकतम सुविधाएं, बैंक खाते में वेतन, मेडिकल सुविधा, यूनिफार्म एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। सेवा प्रदाता कम्पनी और आउटसोर्सिंग कर्मी के बीच होने वाले एग्रीमेण्ट की प्रति कम्पनी द्वारा राज्य सरकार को भी उपलब्ध करायी जानी चाहिए, जिससे आउटसोर्सिंग कर्मी के हितों का संरक्षण हो सके।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 


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