कोलकाता, 02 जुलाई (हि.स.)। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राज्य में अब्दुल रहीम नामक एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से मुर्शिदाबाद जिले के शमशेर गंज थाना अंतर्गत पदमोहल्ला कोहतपुर, धुलियान का रहने वाला है। इस बारे में मंगलवार अपराहन एसटीएफ के उपायुक्त शुभंकर सिन्हा सरकार ने विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आतंकी बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) का सक्रिय सदस्य है और पश्चिम बंगाल के धुलियान मॉड्यूल को तैयार करने में उसकी बड़ी भूमिका है। उसने बड़ी संख्या में आतंकियों की नियुक्ति की थी। इसके अलावा 19 जनवरी 2018 को विश्व प्रसिद्ध बोधगया मंदिर में बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा की मौजूदगी में हुए इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) ब्लास्ट के मामले में भी वह शामिल रहा है।
बंगाल में नया मॉड्यूल तैयार कर चुके हैं आतंकी
इस ब्लास्ट के लिए आतंकियों की नियुक्ति और अन्य जरूरी सामान मुहैया कराने में उसकी भूमिका रही है। उसे सोमवार रात एसटीएफ की टीम ने पूर्व बर्दवान जिले के बर्दवान थाना अंतर्गत बाजेप्रतापपुर चरकुंभा बस स्टैंड से गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो फरवरी 2018 को एसटीएफ की टीम ने अब्दुल वहाब और मौलाना यूसुफ नाम के दो अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनसे लगातार पूछताछ के बाद अब्दुल रहीम के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद से लगातार एसटीएफ की टीम इसकी तलाश में जुटी हुई थी। सोमवार रात 7:20 बजे के करीब बस स्टॉप पर उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सादी वर्दी में पहुंची एसटीएफ की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर कर दबोच लिया था। उसके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 121, 121 ए, 123, 125 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धारा अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेंशन एक्ट (यूएपीए) की 18 और 20 धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
उल्लेखनीय है कि म्यांमार में रोहिंग्या आतंकियों के खिलाफ वहां की सेना के अभियान का बदला लेने के लिए आतंकवादियों ने बिहार के विश्व प्रसिद्ध बोधगया मंदिर में 19 जनवरी 2018 को आईईडी लगाया था। वहां एक विस्फोट भी किया था। उस समय बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा मंदिर के दूसरे हिस्से में मौजूद थे। इस विस्फोट के बाद आतंकी बिहार की सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में छिप गए थे। बाद में घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संभाली थी। एसटीएफ ने भी इस जांच में अपनी भागीदारी निभानी शुरू कर दी थी। बाद में पता चला कि बोधगया में जो ब्लास्ट किया गया था उसमें कहीं और के नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल में आतंकी नेटवर्क तैयार कर चुके आतंकियों ने ही किया था। अब तक इस मामले में 10 से अधिक आतंकवादियों की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल से की जा चुकी है।
