कम्प्यूटर की निगरानी और डाटा जांच का अधिकार संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई टली

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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार निजता के मौलिक अधिकार का हनन कर रही है



नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने 10 एजेंसियों को किसी भी कम्प्यूटर की निगरानी और डाटा की जांच का अधिकार दिए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई टाल दिया है। याचिकाओं में सरकार के आदेश को मनमाना बताया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार निजता के मौलिक अधिकार का हनन कर रही है।पिछले 14 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश निजता के अधिकार का उल्लघंन करता है। याचिका में इस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई है।
20 दिसंबर 2018 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 10 जांच एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर की निगरानी का अधिकार देने वाली अधिसूचना जारी की थी। इस आदेश के बाद जांच एजेंसियां सुरक्षा के नाम पर किसी भी कंप्यूटर की निगरानी, कंप्यूटर में मौजूद दस्तावेज और बाकी चीजें बिना इजाजत के खंगाल सकती हैं।
जिन एजेंसियों को ये अधिकार दिया गया है उनमें आईबी, ईडी, सीबीआई, एनआईए, लॉ, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सीबीडीटी, डीआरआई और डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस शामिल हैं।

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