भारतीय विद्यार्थी पर रोम शहर में एसिड से अटैक के बाद की लूट, पीड़ित ने भारतीय दूतावास से किया संपर्क

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हर्षित रोम स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क में है तथा रोम से भारत आने के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों की तैयारी कर रहा है। रोम दूतावास से हर्षित के पिता के पास फोन आया है और उन्होंने हर्षित से फोन पर बात भी करवाई है। दूतावास के अधिकारी ने कहा कि आपका बेटा सुरक्षित है, आप बिल्कुल भी चिंता न करें।



झाबुआ, 27 जून (हि.स.)। मध्यप्रदेश के झाबुआ जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर रानापुर तहसील मुख्यालय निवासी हर्षित अग्रवाल पर बुधवार शाम को इटली के रोम शहर में अज्ञात बदमाशों द्वारा एसिड अटैक कर लूटपाट की। इसमें हर्षित बाल-बाल बच गए, लेकिन बदमाश उनका कीमती व महत्वपूर्ण सामान छीनकर ले गए। घटना की रिपोर्ट हर्षित द्वारा स्थानीय रोम के मेट्रो स्टेशन पर दर्ज करवाई गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय, विदेश मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री को ट्वीट कर घटना से अवगत कराया गया। बाइस वर्षीय हर्षित पुत्र संजय अग्रवाल भारत के साइबर सिक्योरिटी रिसर्च एमआईटी एकेडमी आफ इंजीनियरिंग पुणे मे साॅफटवेयर इंजीनियर है। वह अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने पेरिस-रोम गए हैं।

एसिड अटैक कर लूटा
हर्षित के पिता संजय अग्रवाल ने गुरुवार को मीडिया को मामले की देते हुए बताया कि  वह 13 जून को 15 दिन के निमंत्रण पर भारत से गया था। पांच देशों में सेमिनार काॅन्फ्रेस खत्म के बाद वह भारत के लिए वापस आ रहा था। बुधवार शाम को वह होटल से एयरपोर्ट जाने के लिए रोम के टेक्साम मेट्रो रेलवे स्टेशन जा रहा था। इसी दौरान छह लोगों ने उस पर एसिड से अटैक किया, जिसमें उसके कपड़ों पर छींटे गिरे और वह बाल-बाल बच गया। उसके पास एक महत्वपूर्ण बैग था, जिसमें लैपटाॅप, पासपोर्ट और विदेशी करंसी 800 यूरो और डालर थे। इनका भारतीय मूल्य लगभग एक लाख के करीब है। इसमें कुछ महंगे डिवाइस भी थे, जिसमें उसका महत्वपूर्ण डाटा था, जिस पर हर्षित ने रिसर्च किया था। बदमाश यह सभी सामान ले जाने मे सफल रहे। उसके पास कपड़ों का बैग भी था, लेकिन बदमाश उसे नहीं ले गए।

घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई
हर्षित के पिता का मानना है कि जिस तरह लूट की घटना को अंजाम दिया गया, उनके अनुसार वारदात उसका डाटा चोरी करने का उद्देश्य लग रही है। एसिड अटैक और लूट की घटना के समय हर्षित का मोबाइल उसकी जेब में होने के कारण बच गया था। उसने सबसे पहले घटना की जानकारी अपनी मां रेणु और उन्हें दी। पिता ने बताया कि घटना की जानकारी देते वक्त हर्षित बहुत घबराया हुआ था, लेकिन हमने उसे हिम्मत और धैर्य के साथ घटना का सामना करने को कहा। साथ ही घटना की रिपोर्ट पुलिस स्टेशन पर करने की बात कही। इसके बाद हर्षित ने रोम के मेट्रो स्टेशन से संबंधित पुलिस स्टेशन पर पहुंचकर एसिड अटैक एवं सामान छीनने संबंधी मामले की एफआईआर दर्ज करवाई है।

बेटा सुरक्षित, भारत वापसी के प्रयास जारी
हर्षित रोम स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क में है तथा रोम से भारत आने के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों की तैयारी कर रहा है। रोम दूतावास से हर्षित के पिता के पास फोन आया है और उन्होंने हर्षित से फोन पर बात भी करवाई है। दूतावास के अधिकारी ने कहा कि आपका बेटा सुरक्षित है, आप बिल्कुल भी चिंता न करें। इनके सारे डाक्यूमेंट तैयार कर इन्हें जल्द भारत भेजने की तैयारी कर रहे हैं। पुणे यूनिवर्सिटी के प्रिन्सीपल- डीन सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदेश व जिले के जनप्रतिनिधियों मंत्रियों ने हर्षित के पिता से संपर्क कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। इस घटना से रानापुर में हर्षित  के माता-पिता सहित पूरा परिवार चिंतित है और जल्द से जल्द उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

यह किया था ट्वीट
इंडियन डिप्लोमेसी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर हर्षित ने लिखा था कि मैं छात्र हूं और मैं काॅन्फ्रेंस में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए पेरिस और रोम में था। जब मैं वापस आने को रोम मेट्रो लौट रहा था, तो कुछ लोगों ने मुझ पर एसिड फेंकने की कोशिश की और मेरा बैग, पासपाोर्ट, पैसा सब छीन लिया गया।

 


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