नालंदा की बालिका शेरिन मैथ्यू की हत्या के आरोप में पालक पिता को आजीवन कारावास!

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वेसली मैथ्यू ने अनजाने में हुई हत्या का दोष अपने सिर ले लिया। उनकी पत्नी शिनी मैथ्यू को इस साल के शुरू में सबूतों के अभाव में जेल से रिहा कर दिया गया था। मैथ्यू दम्पति की अपनी भी एक बेटी है, जो उनके पास है। 



लॉस एंजेल्स, 27 जून (हि.स.)। नालंदा के अनाथलय से गोद ली गई एक तीन वर्षीय अबोध बालिका शेरिन मैथ्यू की निर्मम हत्या के आरोप में उसके पिता वेसली मैथ्यू को आजीवन कारावास की सज़ा दी गई है।

वेसली मैथ्यू ने अनजाने में हुई हत्या का दोष अपने सिर ले लिया। उनकी पत्नी शिनी मैथ्यू को इस साल के शुरू में सबूतों के अभाव में जेल से रिहा कर दिया गया था। मैथ्यू दम्पति की अपनी भी एक बेटी है, जो उनके पास है।

डलस से क़रीब बाइस किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में एक उपनगर रिचर्डसन में रह रहे एक आईटी पेशेवर भारतीय अमेरिकी वेसली मैथ्यू और शीन मैथ्यू ने जून, 2016 में शेरिन को गोद लिया था। नन्हीं शेरिन के गोद की रस्म और औपचारिकताएं पूरी करने वाले एक ग़ैर सरकारी अमेरिकी संगठन ‘’होल्ट इंटेरनेशनल’’ को दुनिया की नज़रों में शर्मसार होना पड़ा है। इसके बाद भारत से बच्चे गोद लेने पर रोक लग गई है।

यह संगठन 1979 से अब तक भारत से 1480 बच्चों को गोद की औपचारिकताएं पूरी करने का दावा कर चुका है। मैथ्यू दम्पति ने गोद की विधिवत औपचारिकताएं पूरी करते समय संयुक्त राष्ट्र संघ से मान्यता प्राप्त हेग कन्वेंशन के अंतर्गत सदस्य देशों में परस्पर बच्चों के गोद लेने-देने में सहयोग तथा बाल संरक्षण के नियमों के तहत औपचारिकताएं पूरी की थीं। यही नहीं, मैथ्यू दम्पति ने क़ानूनी तौर पर माता-पिता के रूप में इस नन्हीं बच्ची के जीवन के पालन पोषण और संरक्षण दिए जाने का भरोसा दिलाया था ।

इस बच्ची की हत्या 7 अक्टूबर, 2017 को की गई थी और उसका शव 22 अक्टूबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में पास ही के एक नाले में मिला था। इस बीच अमेरिकी फ़ेडरल जांच एजेंसी (एफबीआई) ने प्रारम्भिक जांच के दौरान इस अबोध बालिका के अभिभावक मैथ्यू दम्पति से पूछताछ तो की ही, दो सप्ताह तक लापता बच्ची की खोजबीन में अमेरिकी नियमों के अनुसार वे सब दायित्व भी निभाए, जो क़ानूनन ज़रूरी समझे गए। आख़िर वह घड़ी भी आ गई, जब डलस काउंटी की अदालत ने एफबीआई की चार माह की जांच पड़ताल के बाद वेसली और शीन मैथ्यू को इस बालिका की हत्या के अभियोग में कारागार में डाल दिया था।

 


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