अध्यक्ष पद से भूपेश देंगे त्यागपत्र, अमरजीत बनेंगे मंत्री

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कांग्रेसी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष के पद से त्यागपत्र देने की पेशकश की है।



रायपुर ,24 जून(हि.स.)। लोकसभा चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी परिवर्तन की आहट है। दिल्ली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंह देव की राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह तय हो गया है कि प्रदेश कांग्रेस संगठन के अध्यक्ष पद पर नया चेहरा आएगा और अमरजीत भगत मंत्रिमंडल के नए सदस्य हो सकते हैं।

कांग्रेसी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष के पद से त्यागपत्र देने की पेशकश की है। खबर यह भी है कि भूपेश बघेल और चरण दास महंत सरगुजा की सीतापुर सीट से विधायक अमरजीत भगत को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाह रहे हैं। पर सरगुजा से वरिष्ठ कांग्रेसी और कैबिनेट मंत्री टीएस सिंह देव इसके लिए तैयार नहीं हुए। हां उन्होंने भगत को मंत्री बनाए जाने पर अपनी सहमति दे दी है। उल्लेखनीय है कि श्री बघेल ने रायपुर आगमन पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए शनिवार को कहा था कि लोकसभा में हुई हार हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस आलाकमान और पार्टी जो भी फैसला करेगी ,उसे हम सब स्वीकार करेंगे। उल्लेखनीय बात यह भी है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के आलाकमान ने जिन 2 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए थे वहीं पर कांग्रेस को विजय मिली। जबकि शेष 9 सीटों पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश प्रभारी द्वारा घोषित उम्मीदवार बुरे तरीके से हारे। बस्तर लोकसभा क्षेत्र और कोरबा से पार्टी चुनाव जीत पाई। जबकि मुख्यमंत्री समेत तीन वरिष्ठ मंत्रियों के क्षेत्र वाले दुर्ग से कांग्रेस की प्रत्याशी हार गई। यहां तक कि मुख्यमंत्री के वार्ड से भी कांग्रेस  पिछड़ गई।
ऐसे में पार्टी हाईकमान अब प्रदेश प्रभारी और प्रदेश के धुरंधर कांग्रेसियों के दबाव में कोई निर्णय लेना नहीं चाहता। इसीलिए मुख्यमंत्री के अमरजीत को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के प्रस्ताव के बारे में पार्टी हाईकमान ने टी एस सिंह देव से भी राय ली। कांग्रेसी सूत्रों के अनुसार सोमवार को इस बात के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली तलब किया गया है। मानसून सत्र के पहले ही भूपेश अपने मंत्रिमंडल में नए सदस्य को शपथ दिलवा ना चाह रहे हैं।
खबर यह भी है कि छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी को भी बदला जा सकता है। मंत्री पद के लिए जिन अन्य नामों पर विचार चल रहा है उसमें वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक रामपुकार सिंह, मनोज मंडावी एवं फूलो देवी नेताम का नाम भी शामिल है। पिछले 3 दिनों में पार्टी हाईकमान ने प्रदेश के वरिष्ठ लोगों से मुलाकात की है। जिसमें चरण दास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री टीएस सिंह देव ,प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया शामिल है। नए प्रदेशाध्यक्ष और नए मंत्री के बारे में 2 दिन के भीतर घोषणा होने की संभावना है।

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