जीएसटी रिटर्न नहीं फाइल करने पर ई-वे बिल नहीं होगा जनरेट, आधार से होगा जीएसटी रजिस्ट्रेशन

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जीएसटी काउंसिल ने मुनाफाखोरी की पेनाल्टी (धनराशि) 30 दिन तक जमा  नहीं करने वाली कंपनियों पर 20 फीसदी का जुर्माना लगाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।उल्लेखनीय है कि जीएसटी काउंसिल की यह 35वीं बैठक थी।



नई दिल्ली, 22 जून (हि. स.)। दो महीने से ज्यादा वक्त तक वस्तु एवं सेवा (जीएसटी)  रिटर्न फाइल नहीं करने वाले व्यापारी ई-वे बिल नहीं जनरेट कर पाएंगे। केंद्र की मोदी 2.0 सरकार  के दूसरे कार्यकाल में जीएसटी काउंसिल की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई पहली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हुए।

30 दिन तक पेनाल्टी जमा नहीं करने पर 20 फीसदी जुर्माना

जीएसटी काउंसिल ने मुनाफाखोरी की पेनाल्टी (धनराशि) 30 दिन तक जमा  नहीं करने वाली कंपनियों पर 20 फीसदी का जुर्माना लगाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।उल्लेखनीय है कि जीएसटी काउंसिल की यह 35वीं बैठक थी।

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जीएसटी कटौती फिटमेंट कमेटी को भेजा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) पर जीएसटी रेट में कटौती की उम्मीद  की जा रही थी। हालांकि, जीएसटी काउंसिल ने इस मामले को अभी फिटमेंट कमेटी के पास भेज दिया है। यह कमेटी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जीएसटी में कमी पर फैसला करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा जीएसटी काउंसिल की बैठक सकारात्मक रहा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में काउंसिल के सदस्य के तौर पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के वित्त मंत्री शामिल हुए। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री जीएसटी काउंसिल की पदेन अध्यक्ष भी होते हैं। जीएसटी काउंसिल की 35वीं बैठक खत्म होने के बाद वित्त मंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि बैठक का माहौल अनुकूल था। उन्होंने कहा कि इस बार बैठक में मिजोरम, तेलंगाना और कर्नाटक के सीएम मौजूद नहीं थे। इस बात की जानकारी पहले ही उनलोगों ने दे दी थी। इन लोगों ने बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजे थे। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सभी राज्यों से देश के विकास में सहयोग करने को कहा गया है।

अब जीएसटी रजिस्ट्रेशन सिफ आधार से ही हो जाएगा

इस मौके पर राजस्व सचिव (रेवेन्यू सेक्रेटरी) अजय भूषण ने कहा कि किसी कारोबार के जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए पहले कई तरह के दस्तावेजों जरूरत पड़ती थी। अब यह काम सिर्फ आधार से ही हो जाएगा। इसके साथ ही सालाना जीएसटी रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 30 जून, 2019 से बढ़ाकर के 30 अगस्त, 2019 कर दी गई है।

 


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