दाल के दामों में आए उछाल से बिगडऩे लगा घरेलू बजट.

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गर्मी में राशन की महंगाई छुड़ा रहे पसीने



भोपाल, 14 जून (हि.स.)। मध्यप्रदेश में जून के महीने में एक तरफ भीषण गर्मी ने आम आदमी को बेहाल किया हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ दालों की कीमत में आए जबर्दस्त उछाल ने लोगों के पसीने छुड़ा दिये हैं। हालात यह है कि जरूरी खाद्य सामग्री के दामों में आई जबर्दस्त तेजी ने जहां गृहणियों के घरेलू बजट को उथल-पुथल करके रख दिया है, तो वहीं लोगों की थाली से दाल का जायका गायब होना शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि इन दिनों शादी-विवाह और मांगलिक आयोजनों की भरमार की वजह से दालों की मांग बढ़ी है और प्रमुख दालों की कीमतों में करीब 15 से 20 प्रतिशत का उछाल आया है। गर्मी के मौसम में दालों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसका गरीब की जेब पर सीधेतौर पर प्रभाव पड़ रहा है। दलहनों की कीमत में बढ़ोतरी से लोगों के घरों का बजट बिगडऩे लगा है। हालत यहां तक हो गए हैं कि भोजन की थाली से अब दाल गायब नजर आने लगी है। दालों के बढ़ते दामों के बारे में किराना व्यापारी सत्येन्द्र जैन का कहना है कि पिछले एक माह के अंतराल में सभी दालों के दामों में 10 से लेकर 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले माह तुअर दाल 70 रुपये प्रति किलो थी, जो कि वर्तमान में 90 से 95 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिक रही है। इसी प्रकार मूंग दाल 70 से बढक़र 85 से 90 रुपये, उड़द दाल 70 से बढक़र 85-90 रुपये, मसूर दाल 60 से बढक़र 70-75 रुपये तथा चना दाल 60 रुपये प्रति किलो से बढक़र 70 से 75 रुपये प्रति किलो के भाव पर पहुंच गई है। चना दाल के दामों में वृद्धि का सीधा असर बेसन पर भी पड़ा है और बेसन के दाम भी 75 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि दालों की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण उत्पादन में कमीं, खपत में वृद्धि तथा माल भाड़ा किराए की बढ़ोतरी है। इसके अलावा शादी-ब्याह का सीजन भी दलहन के दामों को प्रभावित कर रहा है। व्यापारियों के अनुसार दालों की कीमत में उछाल का सिलसिला अभी कुछ दिनों तक इसी तरह बरकरार रहेगा।


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