टेरर फंडिंग : मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शब्बीर शाह को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत

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दुख्तरान-ए-मिल्लत ने 23 मार्च, 2018 को पाकिस्तान दिवस के रूप में मनाया था। उस समय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आसिया अंद्राबी ने कहा था कि धर्म , विश्वास और पैगंबर से प्रेम के आधार पर भारतीय उपमहाद्वीप के सभी मुसलमान पाकिस्तानी हैं। इस दौरान पाकिस्तान का राष्ट्रगान भी गाया था।



नई दिल्ली, 14 जून (हि.स.)। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शव्बीर शाह को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आज तीनों की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही थी, जिसके बाद एनआईए ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान एनआईए ने अपनी हिरासत की मांग नहीं की, जिसके बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। चार जून को कोर्ट ने तीनों को आज तक की एनआईए हिरासत में भेज दिया था। मसरत आलम को तीन जून को जम्मू की जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था। एनआईए ने चार जून को मसरत आलम को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था।
मसरत आलम पर पत्थरबाजी कराने और टेरर फंडिंग का आरोप है। आसिया अंद्राबी पर देशद्रोह और जम्मू-कश्मीर में घृणा फैलाने वाले भाषण देने के लिए अप्रैल में एक मामला दर्ज किया गया था। जम्मू – कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर की जेल में बंद अंद्राबी की जमानत जून 2018 में खारिज कर दी थी। एनआईए ने अप्रैल 2018 में इनके साथ-साथ इनके संगठन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। दुख्तरान-ए-मिल्लत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम , 1967 के तहत एक प्रतिबंधित संगठन है। दुख्तरान-ए-मिल्लत ने 23 मार्च, 2018 को पाकिस्तान दिवस के रूप में मनाया था। उस समय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आसिया अंद्राबी ने कहा था कि धर्म , विश्वास और पैगंबर से प्रेम के आधार पर भारतीय उपमहाद्वीप के सभी मुसलमान पाकिस्तानी हैं। इस दौरान पाकिस्तान का राष्ट्रगान भी गाया था।

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