108 घंटे से बोरवेल में फंसे फतेहवीर की मौत.

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जिले के भगवानपुर गांव में 108 घंटे से बोरवेल में फंसे दो साल के फतेहवीर को एनडीआरएफ की टीम मंगलवार की सुबह निकालने में तो सफल हो गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बच्चे को गंभीर हालत में चंडीगढ़ के पीजीआई ले जाया गया, जहां ड़ॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।



संगरूर, 11 जून (हि.स.)। जिले के भगवानपुर गांव में 108 घंटे से बोरवेल में फंसे दो साल के फतेहवीर को एनडीआरएफ की टीम मंगलवार की सुबह निकालने में तो सफल हो गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बच्चे को गंभीर हालत में चंडीगढ़ के पीजीआई ले जाया गया, जहां ड़ॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दो साल के फतेहवीर को एनडीआरएफ की टीम ने 108 घंटे बाद बोरवेल से मंगलवार की तड़के 5.40 बजे बाहर निकाल लिया था। लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। फौरन फतेहवीर को चंडीगढ़ ले जाया गया पर पीजीआई के डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि बोरवेल में लोहे की रॉड डाल कर फतेहवीर को निकाला गया, जिससे रॉड लगने से बच्चे की मौत हो गई।
उल्लेखनीय है कि 6 जून को फतेहवीर 150 फिट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसके बाद से एनडीआरएफ की टीम बच्चे को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। करीब 108 घंटे बाद टीम को सफलता भी मिल गई पर बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
 
सोमवार को फतेहवीर का था जन्मदिन:
108 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते फतेहवीर का सोमवार को ही जन्मदिन था। उसके एक दिन बाद उसकी मौत का खबर से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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