नई दिल्ली, 07 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार घर-घर बिजली की तर्ज पर अब हर घर तक पीने योग्य स्वच्छ जल पहुंचाएगी। केंद्र सरकार ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पांच साल की समय सीमा तय की है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘जल शक्ति मंत्रालय’ बनाने का वादा निभाया है। अब घर-घर बिजली के बाद हर घर में पानी भी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य साल 2024 तक हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने का है। उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने की योजनाएं बनाई जाएंगी और पेयजल के साथ सिंचाई की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में घर-घर तक बिजली पहुंचाने का वादा किया था, जिसे उन्होंने बखूबी अंजाम दिया। एक बार फिर से पूर्णबहुमत से केंद्र में सरकार बनने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीने के पानी की समस्या से जूझ रही जनता को निजात दिलाने का बीड़ा उठाया है। प्रधानमंत्री ने इसकी शुरुआत अलग से एक मंत्रालय गठित करके कर दी है।
जानकारों का दावा है कि देश को आजाद हुए आज भले ही सात दशक से अधिक का समय बीत गया हो लेकिन बिजली की तरह ही आज भी जनता पीने के पानी के संकट से जूझ रही है। घरों तक पीने के पानी के स्रोत के नहीं पहुंचने के कारण लोगों को मीलों दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है तो ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां की जनता प्रदूषित पानी पीकर गुजारा कर रही है।
केंद्रीय एजेंसी ‘एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली’ (आईएमआईएस) ने देश में पानी की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए पिछले साल एक सर्वे कर रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके आंकड़ों के मुताबिक देश में 70,736 बस्तियां फ्लोराइड, आर्सेनिक, लौह तत्व और नाइट्रेट सहित अन्य लवण एवं भारी धातुओं के मिश्रण वाले दूषित जल से प्रभावित हैं। इसके कारण देश की 47.41 करोड़ आबादी खतरनाक रासायनिक तत्वों वाला पानी पीने को मजबूर हैं।
