लापता विमान एएन-32 की तलाश जारी

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जोरहाट जिला के रौरइया स्थित वायु सेना एयर बेस से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका स्थित एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए वायुसेना का मालवाहक विमान एएन-32 सोमवार को उड़ान भरने के बाद से लापता है। उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य में वायु सेना का सी-130जे, एएन-32, एमआई-17 हेलीकाप्टर और थल सेना का एएलएच हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं।



ईटानगर, 04 जून (हि.स.)। जोरहाट जिला के रौरइया स्थित वायु सेना एयर बेस से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका स्थित एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए वायुसेना का मालवाहक विमान एएन-32 सोमवार को उड़ान भरने के बाद से लापता है। उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य में वायु सेना का सी-130जे, एएन-32, एमआई-17 हेलीकाप्टर और थल सेना का एएलएच हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं।

मंगलवार की सुबह से संभावित इलाकों में विमान एएन-32 की युद्धस्तर पर खोज की जा रही है। थल सेना, स्थानीय जिला प्रशासन, आईटीबीपी, सीआरपीएफ समेत अन्य एजेंसियां मेचुका के आसपास के जंगली इलाके में तलाश रही हैं।

सूत्रों के अनुसार विमान का मलवा अरुणाचल के टाटो इलाके में देखे जाने की सूचना मिली है, लेकिन वायुसेना और जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पश्चिम सियांग जिले के जिला उपायुक्त स्वेतका सचान ने विमान को टाटो मनिगोंग इलाके में स्थानीय लोगों के हवाले से अनियंत्रित होकर गिरने की संभावना जताई है। वायु सेना के सूत्र ने भी इसी इलाके में विमान से संपर्क टूटने की जानकारी दी है।

उल्लेखनीय है कि विमान में 13 लोग सवार थे। इनमें आठ क्रू मेंबर और पांच अन्य लोग शामिल हैं। इन सभी के नाम हैं- फ्लाइट लेफ्टिनेंट एम गर्ग, फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहंति, फ्लाइट लेफ्टिलेंट थपा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट तनवीर, विंग कमांडर सर्लिस, विंग कमांडर केके मिश्रा, स्क्वाडन लीडर विनोद, सार्जेंट अनुप, कार्पोरेल श्वेरिन, लिडिंग एयरक्राफ्टमैन पंकज, लिडिंग एयरक्राफ्ट मैन एसके सिंह, नन कंबेटेंट एनरोलड राजेश कुमार और नन कंबेटेंट एनरोलड पुताली है।
सोमवार की दोपहर 12.25 बजे का हादसा बताया गया है। उस वक्त मेचुका में मौसम खराब था। उसी के चलते कहा जा रहा है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया, लेकिन सोमवार को मौसम खराब रहने और अंधेरा होने के कारण अभियान रेाक दिया गया। मंगलवार की सुबह से फिर तलाश जारी है। हालांकि आज भी मौसम बहुत खराब है और पहाड़ी व जंगली इलाका होने के कारण अभियान में दिक्कत आ रही है।

 


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