विश्व के उच्चतम पर्वत शिखर पर फहराया ‘भगवा ध्वज’

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उत्तर प्रदेश के पर्वतारोही विपिन चौधरी ने विश्व के उच्चतम पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर हिन्दुओं के महान प्रतीकों में से एक ‘भगवा ध्वज’ (झंडा) को फहराकर नया इतिहास रच दिया।



नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पर्वतारोही विपिन चौधरी ने विश्व के उच्चतम पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर हिन्दुओं के महान प्रतीकों में से एक ‘भगवा ध्वज’ (झंडा) को फहराकर नया इतिहास रच दिया।
विपिन के इस साहसी कदम पर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक ‘भगवा ध्वज’ को हिन्दू संस्कृति एवं धर्म का शाश्वत प्रतीक मानने वालों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में संघ की स्थापना के समय भगवा ध्वज को गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया था। इसके पीछे मूल भाव यह था कि व्यक्ति पतित हो सकता है पर विचार और पावन प्रतीक नहीं। विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन गुरु रूप में इसी भगवा ध्वज को नमन करता है।
उत्तर प्रदेश के निवासी 27 वर्षीय विपिन चौधरी मुरादाबाद के बुद्धि-विहार इलाके में रहते हैं। वह केजीके डिग्री कॉलेज से कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिम्मेदार कार्यकर्ता हैं। वर्तमान में उनके पास संघ के मुरादाबाद के सह महानगर कार्यवाह का दायित्व है। विपिन इससे पहले भी कई पर्वत शिखरों पर विजय प्राप्त कर चुके हैं।
विपिन ने माउंट एवरेस्ट से पहले एल्ब्रुस और किलीमंजारों की चोटियों पर भी चढ़ाई की है। विश्व के ऊंचे पर्वत शिखरों को छूना उनका शौक है। विपिन गत माह दो अप्रैल को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए निकले थे। वह एक 12 सदस्यीय टीम का हिस्सा थे। इसमें उत्तर प्रदेश से वह अकेले इस दल में थे। विपिन ने 22 मई को सुबह नौ बजे बर्फीली चोटी पर तिरंगा फहराने के साथ-साथ ‘भगवा ध्वज’ भी फहराया।
विपिन के पिता गजेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस (यूपीपी) में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता पूनम चौधरी गृहिणी हैं। विपिन के बड़े भाई नितिन हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

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