ईरान से युद्ध करने की कोई मंशा नहीं : ट्रम्प

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वाशिंगटन, 17 मई (हि.स.)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका की ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध करने की कोई मंशा नहीं है। ईरान की ओर से फ़ारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव को लेकर गुरुवार को ट्रम्प ने पेंटागन को निर्देश दिए हैं कि मिडल ईस्ट में ईरान की ओर से बढ़ते तनाव पर निगाहें बनाए रखें और अपनी ओर से किसी भी तरह की पहल करने से बचें।

उल्लेखनीय है कि ईरान की ओर से बढ़ते तनाव को देखकर पेंटागन ने पिछले सप्ताह दो युद्धपोत फ़ारस की खाड़ी में उतार दिए थे। इस संदर्भ में अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जान बोलटन ने ईरान को सबक़ सिखाने के इरादे से 1,20,000 सैनिक भेजे जाने का मंतव्य प्रकट किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने गुरुवार को ओमान के सुल्तान क्यूबोस बिन से बातचीत कर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि ईरान ने फ़ारस खाड़ी में अपनी नौकाओं पर छोटी दूरी की मिसाइलें तैनात कर दी हैं और इन मिसाइलों के आक्रामक तौर-तरीक़ों से अमेरिकी सैन्य बल के सामने प्रतिकूल परिस्थितियां बनती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओमान सुल्तान से अपने प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने का अनुरोध किया गया है। विदित रहे, ओमान सुल्तान ने पहले भी ओबामा कार्यकाल में पांच बड़े देशों की आणविक संधि के समय ईरान से बात कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पोंपियो ने इस संदर्भ में यूरोपीय देशों- फ़्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड से भी विचार विमर्श किया और उन्हें मौजूदा स्थितियों से अवगत कराया।

पोंपियो ने यह भी कहा कि ईरान मिडल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए अपनी नौकाओं से मिसाइल हटाए और सीरिया और यमन में अपनी सेनाएं भेजने से बाज़ आए। उधर ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने अमेरिका पर तनाव बढ़ाए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प से कोई शिखर वार्ता नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि यह सरासर ग़लत है कि ईरान युद्ध को आमंत्रण दे रहा है। उनकी भी युद्ध के लिए कोई मंशा नहीं है।

 


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