सियासत के बड़े-बड़े सूरमाओं ने फर्रुखाबाद सीट पर चखा हार का स्वाद!

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फर्रुखाबाद,15मई(हि.स.)।आजादी के बाद से अब तक यहां हुए लोकसभा चुनाव में सियासत के बड़े बड़े सूरमा हार का स्वाद चख चुके हैं। 23 मई को मतगणना में एक ही राशि के दो उम्मीदवारों के भाग्य के फैसले पर लोग ज्योतिष के माध्यम से कौन भारी पड़ेगा जानने को बेताब है।
  इस सीट पर पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। वर्ष 1957 में यहां हुए लोकसभा चुनाव में पीएसपी के भारत सिंह ने हार का स्वाद चखा था। 1967 में दयाराम शाक्य और 1971 में बीकेडी के उम्मीदवार राजेन्द्र सिंह यादव को करारी हार का मुंह देखना पड़ा था। 1971 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अवदेश चंद्र सिंह भी चुनाव हार गए थे।1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस के सियाराम गंगवार चुनाव हारे थे। 1984 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के दयाराम शाक्य फिर चुनाव हार गए थे। 1989 में कांग्रेस के सलमान खुर्शीद को जनता पार्टी लहर में करारी हार का मुंह देखना पड़ा था। 1991 में हुए लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी के अनवार मोहम्मद खां को अपनी सीट गवानी पड़ी थी। 1996 में अनवार मोहम्मद खां ने सपा से चुनाव लड़ा उन्हें दूसरी बार भी करारी हार का सामना करना पड़ा था। 1999 के चुनाव में बीजेपी के रामबक्श सिंह वर्मा चुनाव हारे। 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने कांग्रेस से अपना भाग्य आजमाया,लेकिन वे चुनाव हार गई। वर्ष 2009 में यहां हरदोई के नरेश अग्रवाल ने बसपा से चुनाव लड़ा नतीजतन श्री अग्रवाल को बाहर से थोपा हुआ उम्मीदवार समझ मतदाताओं ने नकार दिया। नतीजतन वह चुनाव हार गए। 2014 में चुनाव मैदान में सपा से उतरे अलीगंज विधायक रामेश्वर सिंह यादव भी चुनाव हार गए थे। सियासत के बड़े बड़े सूरमा इस लोकसभा से चुनाव लड़कर हार का स्वाद चख चुके हैं। 28 अप्रैल,2019 को इस सीट पर हुए लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा उम्मीदवार मुकेश राजपूत और महागठबंधन उम्मीदवार मनोज अग्रवाल के बीच सीधी टक्कर हुई है। कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की चुनाव के समय बदले समीकरणों की वजह से प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। हालांकि 23 मई को कौन बनेगा सांसद की स्थिति गणना के बाद साफ हो जायेगी। सबसे दिलचश्प बात तो यह है कि भाजपा उम्मीदवार मुकेश राजपूत और महागठबंधन उम्मीदवार मनोज अग्रवाल की ज्योतिष गणना के अनुसार दोनों की सिंह राशि है।
  ज्योतिषाचार्य पंडित अशोक बताते हैं कि ज्योतिष गणना में भाजपा उम्मीदवार मुकेश राजपूत भारी पड़ रहे हैं। दोनों उम्मीदवारों की एक ही राशि होने की वजह से यहां का आम मतदाता ज्योतिष गणना जानने के लिए बेताब है।

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