शुरू होने के साथ ही बंगाल में लहूलुहान छठे चरण का मतदान, कई जगहों पर हिंसा

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कोलकाता, 12 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के 8 संसदीय सीटों पर रविवार सुबह के समय भी हिंसा की घटनाओं के साथ छठे चरण का मतदान शुरू हुआ है। मतदान शुरू होने से पहले झाड़ग्राम संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की लोहे की रॉड और लाठी डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। इसका आरोप कांग्रेस पर लगा है। इसके अलावा गोविंदपुर में मतदान केंद्र के अंदर घुसकर भारतीय जनता पार्टी के पोलिंग एजेंट को मारा-पीटा गया है और उसे जबरदस्ती बाहर निकाल दिया क्या है। गढ़बेटा में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को मारा-पीटा गया है। इसके अलावा घाटाल संसदीय क्षेत्र के केशपुर में सुबह के समय ही हिंसा देखने को मिली है। यहां से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार भारती घोष को सत्तारूढ़ तृणमूल के महिला कार्यकर्ताओं ने मारा है। उन्हें मतदान केंद्र के पास नहीं जाने दिया गया है। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी के पोलिंग एजेंट को भी अंदर नहीं घुसने दिया गया है। भारती घोष ने मतदान शुरू होने के साथ ही चुनाव आयोग पर व्यवस्था करने में विफल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग से कई बार शिकायत की थी कि घाटाल संसदीय क्षेत्र के केशपुर में रूट मार्च की जरूरत है लेकिन आयोग ने कुछ भी नहीं किया और आज सुबह से ही हिंसा शुरू हो गई है। उनके साथ सेंट्रल सिक्योरिटी थी इसीलिए उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर निकालने की कोशिश हुई है लेकिन मारपीट और हिंसा का दौर जारी है। खास बात यह है कि कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी राज्य पुलिस की है लेकिन पुलिसकर्मी खड़े होकर हंस रहे हैं और तमाशा देख रहे हैं। दो बार भारती घोष को धक्का दिया गया है। वह रोने लगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी की पोलिंग एजेंट को मतदान केंद्र के अंदर बैठाने में सक्षम नहीं हो सकी हैं।

 उल्लेखनीय  है कि वह इसी जिले में एसपी रह चुकी है। महिलाएं साफ कर चुकी है कि भारतीय जनता पार्टी की है इसीलिए नहीं घुसने देंगे। भारती घोष ने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के दो पोलिंग एजेंट को किडनैप कर लिया गया है। अधिकतर मतदान केंद्रों में एजेंट को बैठने नहीं दिया गया है और पुलिस खड़ा होकर के तमाशा देख रही है। तमलुक, कांथी, घाटाल, झाड़ग्राम (एसटी), मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और विष्णुपुर (एससी) में चुनाव हो रहा हैं, जहां 13369749 मतदाता 83 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
 राज्य के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी संजय बसु ने बताया कि इस बार मतदान के लिए तैयार अधिकतर संसदीय क्षेत्र पूर्व में माओवादी प्रभावित रहे हैं। इसलिए शांतिपूर्वक और सुरक्षित मतदान संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ससस्त्र राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की कुल 770 कंपनियों को तैनात हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए आठ निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों को कवर कर रही है। कुल 80 हजार जवान मतदान की सुरक्षा में तैनात हैं। इनमें से दो हजार कोलकाता पुलिस के जवान भी हैं जिन्हें तमलुक और कांथी संसदीय क्षेत्र में तैनात किया गया है। चारों जांगल महल जिलों और पूर्वी मेदिनीपुर में फैली सभी आठ सीटों पर तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच ज्यादातर सीटों पर चौतरफा मुकाबला होगा।  केवल बांकुड़ा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा, क्योंकि कांग्रेस ने वहां कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

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