बंगाल में फानी का असर नहीं, बांग्लादेश की ओर बढ़ा

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कोलकाता, 04 मई (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान फानी का पश्चिम बंगाल पर कुछ खास असर नहीं हुआ। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे खड़गपुर के रास्ते राज्य में चक्रवात ने प्रवेश किया था। इसके प्रतिकूल प्रभाव से मेदिनीपुर के दीघा, झाड़ग्राम नदिया और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में तेज हवा चली। कुछ जगहों पर पेड़ भी गिरे, लेकिन जान-माल का कोई खास नुकसान होने की खबर नहीं है। हावड़ा, हुगली, पूर्व व पश्चिम बर्दवान और अन्य जिलों में बारिश जरूर लगातार हो रही है। तूफान फानी बांग्लादेश की ओर बढ़ गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक फानी कोलकाता के करीब 40 किलोमीटर किनारे से निकल गया। हालांकि यहां शुक्रवार सुबह से ही शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी है, लेकिन इससे कुछ खास असर शहर की व्यवस्था पर नहीं पड़ा। मैदान थाना इलाके में रात में तेज हवा चलने से दो जगहों पर पेड़ टूटकर गिरे हैं। कर्मचारियों ने उसे हटा दिया है। सुबह से कोलकाता में यातायात सामान्य है।
मौसम विभाग का अनुमान था कि बंगाल में प्रवेश करने के बाद चक्रवात की गति 100 से 115 किलोमीटर प्रति घंटे होगी, लेकिन यह केवल 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही राज्य में प्रवेश कर सका है। अलीपुर स्थित मौसम विभाग के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक गोकुल चंद्र देवनाथ ने बताया कि रात करीब 12:30 बजे खड़गपुर के रास्ते चक्रवात ने पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया था। 24 घंटे से अधिक समय तक ओडिशा और समुद्र तटीय क्षेत्र के समतल इलाके में चलने की वजह से इसकी गति धीमी हो गई है, इसलिए बंगाल में खास असर नहीं हुआ। रातभर बंगाल के समतल इलाके में हवा चलती रही। कहीं-कहीं बारिश से पानी भर गया है।
दास के अनुसार दोपहर 12:00 बजे तक फानी बांग्लादेश पहुंच जाएगा। पश्चिम बंगाल में शनिवार को सारे दिन हल्की बारिश होती रहेगी, लेकिन रविवार सुबह से मौसम सामान्य हो जाएगा। धूप भी खिलेगी। दमदम हवाई अड्डा सेवा सामान्य हो सकती है। मुर्शिदाबाद, नदिया और मालदा के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां सारा दिन भारी बारिश हो सकती है। बाकी क्षेत्रों में छिटपुट बारिश हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि चक्रवात की वजह से मेदनीपुर, झाड़ग्राम, दीघा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के विस्तृत इलाके में तेज तूफान की वजह से कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रबंधन की टीम और राज्य प्रशासन की तत्परता की वजह से लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था।

 


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