प्रियंका के वाराणसी से नहीं लड़ने पर कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग बयान
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस के प्रियंका गांधी को वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नहीं उतारने के फैसले पर पार्टी के नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला का कहना है कि यह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का फैसला था। जबकि सैम पित्रोदा का कहना है कि फैसला स्वयं प्रियंका गांधी का था। इसी बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि प्रियंका के चुनाव लड़ने की खबर केवल मीडिया की पैदा की हुई थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वाराणसी से कड़ी टक्कर देने के लिए मीडिया में खबरें थी कि प्रियंका गांधी वहां से चुनाव लड़ सकती हैं। इसको लेकर उन्होंने बयान भी दिया था कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी कहें तो वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। इसी बीच गुरुवार को वाराणसी से कांग्रेस की ओर से प्रियंका के बजाय अजय राय को टिकट दिए जाने के बाद भाजपा नेता कांग्रेस पर हमलावर हो गए थे।
प्रियंका के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ही प्रियंका को चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। प्रियंका गांधी वाराणसी से लड़ने को तैयार थीं, जिसको लेकर भाजपा में डर का भी माहौल था। वह हमेशा कहती रहीं कांग्रेस अध्यक्ष अगर कहेंगे कि वह वहां से चुनाव लड़े तो वह वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी।
दूसरी ओर इस संबंध में ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सेम पित्रोदा ने कहा कि वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला स्वयं प्रियंका गांधी का था। उनके पास अन्य जिम्मेदारियां भी हैं। उनका मानना था कि एक सीट पर ध्यान देने से उनकी अन्य जिम्मेदारियां पूरी नहीं हो पाएंगी। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि प्रियंका वाराणसी से लड़ने नहीं वाली थी। यह सब मीडिया द्वारा बनाया गया था।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रियंका के वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने को कांग्रेस की नैतिक हार बताया था। उन्होंने कहा था कि आज के समय में लोग काम के आधार पर वोट देते हैं न कि वंशवाद के आधार पर।