लोकसभा चुनाव : हिसार से छोटूराम की चौथी पीढ़ी की राजनीति में एंट्री, पड़पौते बृजेंद्र चुनावी मैदान में

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 भाजपा ने उतारे 10 महारथी चुनावी रण में
– हुड्डा के गढ़ रोहतक में भाजपा ने खेला गैर-जाट कार्ड, अरविंद शर्मा को बनाया उम्मीदवार
चंडीगढ़, 14 अप्रैल (हि.स.)। जननायक चौधरी देवीलाल की चौथी पीढ़ी के राजनीति में उतरने के बाद अब किसानों के मसीहा कहे जाने वाले छोटूराम की चौथी पीढ़ी की भी राजनीति में एंट्री हो चुकी है। हिसार से भाजपा ने छोटूराम के पड़पौत्र बृजेंद्र सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। बृजेंद्र सिंह के पिता केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह पिछले लंबे समय से अपने बेटे को राजनीति में उतारने के लिए सक्रिय थे, आखिरकार उन्हें सफलता मिल ही गई। बीरेंद्र सिंह की गिनती प्रदेश के दिग्गज नेताओं में होती है।
हिसार से बृजेंद्र सिंह को भाजपा का टिकट मिलने के बाद अब जननायक जनता पार्टी के सुप्रीमो व निवर्तमान सांसद दुष्यंत चौटाला के सामने जीत किसी चुनौती से कम नहीं होगी। पिछली बार मोदी लहर के बावजूद दुष्यंत ने हिसार से जीत दर्ज की थी। मगर इस बार समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।
भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के गढ़ रोहतक में गैर-जाट कार्ड खेला है। रोहतक से पूर्व सांसद अरविंद शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा लगातार तीसरी बार रोहतक से सांसद बने हैं।
सभी पार्टियों से पहले भाजपा ने घोषित की टिकटें
भाजपा ने प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियों से पहले अपने 10 के 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। अभी तक कांग्रेस ने मात्र छह उम्मीदवारों की ही घोषणा की है और लोकतंत्र सुरक्षा मंच व बसपा गठबंधन ने 8 उम्मीदवारों की घोषणा की है। जबकि जजपा व आप गठबंधन और इनेलो ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।
यह हैं भाजपा उम्मीदवार
अंबाला लोकसभा से निवर्तमान सांसद रतन लाल कटारिया, कुरुक्षेत्र से राज्यमंत्री नायब सैनी, सोनीपत से निवर्तमान सांसद रमेश कौशिक, गुरुग्राम से केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, फरीदाबाद से केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, महेंद्रगढ़-भिवानी से निवर्तमान सांसद धर्मवीर सिंह, हिसार से केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह और रोहतक से अरविंद्र शर्मा चुनाव मैदान में हैं।

अरविंद शर्मा तीन बार बन चुके हैं सांसद
अरविंद शर्मा की गिनती प्रदेश में कद्दावर ब्राह्मण नेता के रूप में होती है। वे पहली बार 1996 में सोनीपत लोकसभा से निर्दलीय सांसद बने थी। इसके बाद वर्ष 2004 व 2009 में करनाल से सांसद बने। वर्ष 2014 में अरविंद शर्मा बसपा में शामिल हो गए थे और करनाल से निवर्तमान सांसद अश्वनी चौपड़ा से हार गए थे। अभी हाल ही में अरविंद शर्मा ने बसपा छोड़कर कमल को थाम लिया और रोहतक से टिकट भी मिल गई।
छोटूराम के पोते बीरेंद्र सिंह हैं राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ
छोटूराम के पोते केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह की गिनती प्रदेश के जाट कद्दावर नेताओं के रूप में होती है। 1984 में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को हिसार लोकसभा से करारी शिकस्त दी थी। इसके साथ ही उचाना हलके से 1977, 1982, 1994, 1996 वर्ष 2005 में विधायक रहे। वर्ष 2014 में उनकी पत्नी प्रेमलता उचाना से विधायक चुनी गई। इसके साथ ही वे दो बार राज्यसभा सदस्य चुने जा चुके हैं। वर्ष 2010 में कांग्रेस की ओर से राज्य सभा सदस्य चुने गए थे, मगर वर्ष 2014 में कांग्रेस से 42 वर्ष का नाता केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने तोड़ते हुए भाजपा का दामन था लिया था। वर्ष 2016 में दोबारा भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद चुने गए और वर्ष 2022 तक वे सांसद रहेंगे।


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