चुनाव आयोग ने बाबुल सुप्रियो के चुनावी गीत पर लगाई रोक

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कोलकाता, 07 अप्रैल (हि.स.)। चुनाव आयोग ने बाबुल सुप्रियो के उस चुनावी गीत पर रोक लगा दी है, जिसे लोकसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा के लिए प्रचार-प्रसार के लिए रिकॉर्ड किया गया था।
रविवार को आयोग ने बताया कि गाने के कुछ शब्दों को लेकर आपत्ति थी, जिसे बदलने का निर्देश भाजपा को दिया गया था, लेकिन पार्टी ने उसमें कोई बदलाव नहीं किया। इसीलिए चुनाव आयोग ने बाबुल सुप्रियो के गीत पर रोक लगा दी है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में बाबुल सुप्रियो ने प्रदेश भाजपा इकाई के लिए एक गीत रिकॉर्ड किया था। इसके बोल हैं,’बंगाल में खिलेगा कमल फूल और नहीं तृणमूल।’ इसमें कथित तौर पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर गुंडागर्दी, सिंडिकेट, घोटाला आदि में लिप्त होने का आरोप लगाया गया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भी इसमें कटाक्ष था। इसे लेकर पार्टी ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफताब से शिकायत की थी। मामले को लेकर बाबुल सुप्रियो के खिलाफ आसनसोल दक्षिण थाने ने प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
चुनाव आयोग से आधिकारिक तौर पर अनुमति मिलने से पूर्व ही बाबुल ने ट्विटर पर इस गाने का लिंक साझा कर दिया था, जिस पर आयोग ने उनसे जवाब मांगा था। बाबुल ने लिखित तौर पर बताया था कि उन्होंने गाना आधिकारिक तौर पर रिलीज नहीं किया। इसके बाद चुनाव आयोग में गाने के बोल को बदलने का निर्देश दिया था। इसके लिए भाजपा तैयार नहीं हुई। लिहाजा पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि एक भी शब्द नहीं बदला जाएगा। इसके बाद आयोग ने बाबुल सुप्रियो के गाने की रिलीज पर रोक लगा दी।
उधर, दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस का चुनावी वीडियो जारी हुआ है, जिसमें भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दंगाबाज, गुंडाबाज जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन यह वीडियो बिना किसी आपत्ति के रिलीज कर दिया गया है। दरअसल प्रदेश भाजपा राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज‌ आफताब पर ममता बनर्जी के वफादार की तरह काम करने का आरोप लगाती रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने कहा था कि आफताब से किसी भी तरह की गई शिकायत पहले ममता के पास पहुंचती है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही केन्द्रीय चुनाव आयोग के पास जाती है।

 


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