विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंज उठा कावर झील

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विशेष … बेगूसराय, 22 दिसम्बर (हि.स.)। एशिया में मीठे पानी के सबसे बड़ी झील बेगूसराय जिला के कावर झील में पानी भले ही कम हो गया हो पर विदेशी मेहमानों की चहलकदमी काफी बढ़ गई है। साइबेरिया समेत सात समुद्र पार कर अन्य देशों से आने वाले मेहमान पक्षी ठंड बढ़ने के साथ ही कावर में अड्डा जमा चुके हैं।
कावर के पानी वाले बहियारों में लालसर, दिधौंच, सरायर, कमरी, अधंग्गी, बोदइन एवं कोइरा आदि चिड़ियों की चहचहाहट गूंज रही है। खास करके अधिक पानी वाले महालय, कोचालय, रजौड़ा डोव एवं बहोरा डोव में विदेशी मेहमानों की संख्या जायदा दिख रही है। साथ ही जरल्का, धरारी, मेशहा, धनफर, पटमारा, पइनपीवा, भरहा, दशरथरही, लरही, धनफर, भिलखरा, गुआवारी, सतावय डोव, सखीया डेरा एवं बोटमारा आदि बहियार इलाकों में भी पक्षियों की चहल-पहल तेज है।
झील क्षेत्र में साइबेरियाई देशों, रूस, मंगोलिया, चीन आदि देशों से पक्षी आते हैं। बीते वर्षों में कावर झील क्षेत्र में 108 प्रकार के देसी-विदेशी पक्षियों की पहचान की गई थी। प्रवासी पक्षी ठंड शुरू होते ही नवम्बर माह से आना शुरू कर देते हैं। करीब तीन माह के प्रवास के बाद फरवरी मार्च में वापस अपने देश लौट जाते हैं। हालांकि प्रत्येक वर्ष इन विदेशी पक्षियों के हो रहे शिकार के कारण आने वाले पक्षियों की संख्या घट रही है। 1989 में कावर परिक्षेत्र के 15780 एकड़ जमीन को पक्षी विहार के रूप में घोषित किया गया। इसमें से अभी मुश्किल से दो-तीन सौ एकड़ में पानी है। शेष जमीन पक्षी विहार के बदले कृषि विहार बन चुका है। जहां गन्ना एवं सरसों की फसल लहरा रही है। कावर में धान की खेती कम हो जाने से पक्षियों के रूकना कम हो गया है| उधर, पक्षियों के दुश्मन शिकारी भी फानी (पक्षियों के फंसाने वाला जाल) लगा कर तैयार हैं।
प्रतिदिन कावर क्षेत्र में सौ से अधिक पक्षियों का शिकार हो रहा है। कावर के विदेशी पक्षियों की डिमांड इतनी ज्यादा है कि वर्तमान में लालसर 12 से 15 सौ रुपये तक में बिक रहा है। हालांकि वन विभाग का कहना है की पक्षियों के शिकार पर कड़ी नजर रखी जा रही है| कावर की गणना विश्व प्रसिद्ध वेटलैंड में होती है। इसके अध्ययन के लिए यहां पूर्व में कई देश व विदेश से टीम आ चुकी है। यहां के दलदली क्षेत्र को देखते हुए, इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के रामसेट साइट में शामिल किया गया था। फिलहाल कावर परिक्षेत्र में विदेशी मेहमानों की चहचहाहट काफी तेज हो चुकी है।


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