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संपादकीय

लग गया तो तीर, नहीं तो तुक्का

सात दिसंबर पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो गयी। तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और मिजोरम में तो वोटिंग पहले ही हो चुकी थी, सात दिसंबर को राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग हुई। शाम पांच बजे इधर राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग खत्म हुई, उधर …

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अनुच्छेद 35 ए को लेकर हंगामा क्यों है बरपा : योगेश कुमार सोनी

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए को लेकर इस समय सियासी हलचल मची हुई है। 2014 में ‘वी द सिटीजन’ नामक एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में 35ए को खत्म करने की प्रार्थना की थी, जिस पर कोर्ट को 31 अगस्त को निर्णय देना था। लेकिन अब 19 जनवरी 2019 को इसकी …

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सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार भी खो रही कांग्रेस : सियाराम पांडेय ‘शांत’

राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में राजग प्रत्याशी हरिवंश नारायण सिंह की विजय के बाद कांग्रेस बौखला गई है। लोकतंत्र में हार-जीत सामान्य बात है, लेकिन राजनीतिक शिष्टाचार बनाए रखना ही लोकतंत्र की ताकत और विशेषता है। लेकिन लगता है कि कांग्रेस ने सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार से भी तौबा कर …

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फीफा विश्व कप: भारत क्यों करेगा ब्राजील को चीयर – आर के सिन्हा

गरीब-गुरुबा का खेल, गावों में लोकप्रिय फुटबॉल की सबसे बड़ी चैंपियनशिप आगामी 14 जून से रूस में शुरू होने जा रही है। यह फीफा विश्व कप फुटबॉल चैंपियनशिप के नाम से विश्व प्रसिद्ध है। काश, इसमें भारत भी खेल रहा होता। भारत की गैर-मौजूदगी में अधिकतर भारतीय फुटबॉल प्रेमी ब्राजील …

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निश्चित थी प्रवीण तोगड़िया की विदाई: अवधेश कुमार

विश्व हिन्दू परिषद के चुनाव ने इतनी सुर्खियां यदि पाईं हैं, तो इसका मूल कारण है लंबे समय तक इसके कार्यकारी अध्यक्ष रहे डॉ. प्रवीण तोगड़िया की विदाई। हालांकि विहिप ने उनको संगठन से निकाला नहीं है, उन्होंने स्वयं को संगठन से अलग कर लिया है। अध्यक्ष के रूप में …

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राजनीतिक दशा व दिशा सुधरेगी कैसे ?

भारत के सामाजिक, प्रशासनिक, धार्मिक व आर्थिक समेत लगभग हर क्षेत्र का राजनीतीकरण होने लगा है। दंगा फसाद हो या सीबीएससी का पेपर लीक या नीरव मोदी-माल्या के द्वारा बैंको को दिया गया धोखा अथवा सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को लेकर दिया गया दिशा निर्देश, सब …

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आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेत

जीडीपी के आंकड़ों ने लगातार दूसरी तिमाही में तेजी दिखाकर अर्थव्यवस्था को लेकर जतायी जा रही सभी चिंताओं को आधारहीन साबित कर दिया है। इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के आंकड़ों से साफ हो गया है कि नोटबंदी और जीएसटी के दुष्प्रभावों से मुक्त होकर अर्थव्यवस्था एक बार फिर …

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