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खरगौन की जनजातीय जनपद झिरन्या ने बनाई देश में अपनी पहचान

खरगौन, 03 फरवरी (हि.स.)। खरगौन जिले में सबसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के लिए झिरन्या जनपद जानी जाती है, लेकिन इन दिनों यह जनपद देश के उन चुनिंदा जनपदों व क्षेत्र में शामिल हो गया है, जहां देश की सबसे बड़ी रोजगार योजना ‘मनरेगा’ में समय पर भुगतान हुआ है। दरअसल, भारत सरकार द्वारा मजदूरों को रोजगार देने के लिए चलाई जा रही मनरेगा योजना की हाल ही में हुई ऑल इंडिया रैकिंग में समय पर भुगतान करने में झरिया जनपद पंचायत पूरे देश में प्रथम स्थान पर रही।

जनजातीय और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां नेटवर्क की हमेशा समस्य रहती है। किसी एक पहाड़ी पर भरपूर नेटवर्क मिलेगा, तो कहीं ढलान में नेटवर्क शून्य हो जाएगा। यहां किसी भी नेटवर्क सेवा प्रदाता कंपनी का बेहतर व शत-प्रतिशत नेटवर्क तो नहीं है, बावजूद भी इसके जनपद सीईओ महेंद्र श्रीवास्तव के जिम्मेदारीपूर्वक कार्य पद्वति ने मनरेगा के सौ प्रतिशत मजदूरों को भुगतान किया है। हाल ही के दिनों में रोजगार गारंटी स्कीम योजना के तहत भारत सरकार द्वारा रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें खरगौन के झिरन्या जनपद ने सौ प्रतिशत भुगतान किया है। जनपद द्वारा 53193 मस्टर रोल जारी किए गए, जिसमें सौ प्रतिशत भुगतान हुए है। मनरेगा देश की महत्वकांक्षी योजना है, जिसमें गरीब जॉब कार्डधारी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि ऑनलाईन डाटा फिटिंग या मस्टर ऑनलाईन नहीं होने पर भुगतान नहीं हो पाता है, लेकिन इस जनपद में सौ प्रतिशत भुगतान कर संभव किया है।

40 से अधिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी भी नहीं

झिरन्या जनपद में 76 ग्राम पंचायतें है, जिनमें 40 से अधिक गांव पूरी तरह पहाड़ी क्षेत्र में आते है, जहां मोबाईल कनेक्टिविटी भी नहीं है। ऑनलाईन डाटा फिडिंग के कार्य के लिए सचिव कभी जिला मुख्यालय तो कभी जनपद मुख्यालय। यहां तक की पड़ोसी सीमावर्तीय राज्य महाराष्ट्र में भी जाकर ऑनलाईन फिडिंग का कार्य करते रहे है। 1 अप्रैल से 31 जनवरी 2019 के बीच टॉप रैंकिंग के दौरान 5500 कार्य किए गए है, जिनमें 12 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान मजदूरों को किया गया है। जनपद सीईओ श्रीवास्तव बताते हैं कि नेटवर्क नहीं होने के कारण जिनसे हम काम लेते थे, उन मजदूरों का भुगतान नहीं कर पाने का हमेशा मलाल रहता था। उन्हें भुगतान कराने के लिए हम प्रयास करते रहे। जैसी स्थिति रही, वैसी स्थिति को देखते हुए नेटवर्क का उपयोग किया और धीरे-धीरे स्थिति में सुधार हुआ और हम 100 प्रतिशत भुगतान कराने में सफल हुए। मजदूरों के लिए किए गए यह प्रयास जनपद के लिए संतोषजनक है।

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