Saturday , December 15 2018
Breaking News
Home / Home 1 / यादों में अटल जी : बड़े मन, बड़े कद का राजनेता

यादों में अटल जी : बड़े मन, बड़े कद का राजनेता

संसद पर हमले के बाद वाजपेयी ने पहला फोन सोनिया को किया था, पूछा था आप कहां हैं … सुरक्षित तो हैं
नई दिल्ली,17 अगस्त (हि.स.)। दिनांक 13 दिसम्बर 2001, स्थान – संसद भवन। संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। संसद परिसर के दक्षिणी गेट से एक सफेद एंबेसडर कार अन्दर आती है। उससे 5 हथियार बंद उतरते हैं और गोलियां चलाते, हथगोले फेंकते हुए संसद के मुख्य द्वार तथा राज्यसभा वाले द्वार की तरफ बढ़ते हैं। संसद की सुरक्षा में तैनात जवानों ने तुरंत अपनी जगह पोजिशन ले ली। बिना समय गंवाये मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। संसद के सभी द्वार बंद कर दिये गए। 45 मिनट तक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती रही। बीच-बीच में हथगोलों की आवाज आती रही। यह आतंकी हमला था। सफेद एंबेसडर कार से जो 5 हथियार बंद आये थे, वे पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी थे। सबके सब मारे गए। इस आतंकी हमले में संसद भवन के एक गार्ड, दिल्ली पुलिस के एक जवान, माली सहित कुल 15 लोग मारे गये थे।
संसद पर आतंकी हमले की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष व लोकसभा सांसद सोनिया गांधी को फोन मिलवाया। पूछा था,आप कहां हैं … सुरक्षित तो हैं। ऐसे थे बड़े मन के अटल बिहारी वाजपेयी और ऐसे थे उनके विपक्षी नेताओं से संबंध। राजनीति को कभी वह व्यक्तिगत संबंधों में आड़े नहीं आने दिए। चाहे वह घोर विरोधी ही क्यों न हो, घोर विरोधी पार्टी का ही क्यों न हो, उसको वह पूरा सम्मान देते थे। यही वजह है कि उनको आज भी लोग बहुत बड़े मन का आदमी कहते हैं। यह कहने वाले भाजपा से ज्यादा अन्य पार्टी के नेता, कार्यकर्ता हैं। वर्तमान भाजपा नेतृत्व से तुलना के बारे में पूछने पर विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं के अलावा भाजपा के भी नेता बिना लाग लपेट, बेहिचक कहते हैं – वाजपेयी जी के आगे आज के नेता बौने हैं। उतना बड़ा मन, उतना बड़ा कद, उतना बड़ा वक्ता, उतना बड़ा शब्दों का जादूगर आज भाजपा में दूर-दूर तक कोई नहीं है। इसीलिए तो वह अटल बिहारी थे। जो भारतीय जनमानस में अपनी अटल छाप अंकित कर गए। इसके प्रमाण हैं अटल, आडवाणी, जोशी त्रयी में से एक डा. मुरली मनोहर जोशी। उनसे (डा. मुरली मनोहर जोशी) वाजपेयी जी के बारे में पूछा गया ,तो उनका गला रूंध गया। 05 बार सांसद व गुजरात भाजपा के दो बार अध्यक्ष रहे वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र सिंह राणा ,जिनको वाजपेयी जी बहुत मानते थे ने रूंधे गले से कहा, भारतीय राजनीति का सूर्य अस्त हो गया। भारत का जननायक आज हमसे बिछड़ गया। राजनीति के क्षेत्र से अजात शत्रु आज चला गया।

About khabarworld

Check Also

पीवी सिंधु का विश्व टूर में जीत से आगाज

Share this on WhatsAppनई दिल्ली/ग्वांग्झू, 12 दिसम्बर (हि.स.)। ओलिंपिक खेल में सिल्वर मेडल विजेता भारत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *